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हेल्दी इंडियन रेसिपी | स्वस्थ भारतीय शाकाहारी व्यंजन >   एसिडिटी रेसिपी | एसिडिटी को नियंत्रित करने के लिए शाकाहारी भारतीय व्यंजन | Acidity Heartburn Reflux recipes in Hindi |  

82 एसिडिटी रेसिपी | एसिडिटी को नियंत्रित करने के लिए शाकाहारी भारतीय व्यंजन | Acidity Heartburn Reflux Recipes In Hindi | रेसिपी

User Tarla Dalal  •  Updated : Jan 31, 2026
   

यदि आपको अक्सर छाती में जलन, खट्टी डकारें या खाने के बाद बेचैनी महसूस होती है, तो इसका कारण आपकी रोज़मर्रा की खान-पान की आदतें हो सकती हैं। एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स आजकल आम पाचन समस्याएँ बन गई हैं, खासकर जब हम मसालेदार, तले हुए, मीठे और प्रोसेस्ड भारतीय खाद्य पदार्थ अधिक मात्रा में खाते हैं। भारतीय भोजन स्वाद से भरपूर होता है, लेकिन कुछ चीज़ें पेट में अधिक एसिड बनने का कारण बन सकती हैं। इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि एसिडिटी में किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए

 

  

Table of Content

एसिडिटी को नियंत्रित करने के लिए शाकाहारी भारतीय व्यंजन | Acidity Heartburn Reflux recipes in Hindi | down arrow
एसिडिटी क्या है? what is acidity in hindi? down arrow
पांच GERD-अनुकूल भारतीय नाश्ते की रेसिपी. five GERD-friendly Indian breakfast recipes down arrow
अम्लीय खाद्य पदार्थों को सीमित या टाला जाना चाहिए, एसिड रिफ्लक्स खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए | Acidic Foods to be Limited or Avoided, Acid Reflux Foods to be Avoided. down arrow
एसिडिटी के कारण क्या हैं? रोजमर्रा के मुख्य ट्रिगर? what are the reasons for acidity in hindi? down arrow
एसिडिटी के लक्षण, symptoms of acidity down arrow
सिडिटी के लिए भोजन गाइड – एसिडिक बनाम अल्कलाइन खाद्य पदार्थ. Food Guide for Acidity down arrow
महत्वपूर्ण अंतिम नोट्स down arrow
तीस-दिवसीय भारतीय एसिडिटी आहार योजना.Thirty-Day Acidity Diet Plan down arrow
एसिडिटी के लिए अच्छे भारतीय अनाज और आटा. Indian Cereals and Flours good for Acidity down arrow
रोटी और परांठे में एसिडिटी कम करने के लिए बाजरा हिंदी में | Bajra to lower acidity in rotis and parathas in Hindi | down arrow
एसिडिटी के लिए फल. Fruits for Acidity down arrow
एसिडिटी के लिए भारतीय पेय. Indian Drinks for Acidity down arrow
एसिडिटी के लिए दालें. Dals and Pulses for Acidity down arrow
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) down arrow
चिकित्सकीय अस्वीकरण. Medical disclaimer. down arrow

एसिडिटी को नियंत्रित करने के लिए शाकाहारी भारतीय व्यंजन | Acidity Heartburn Reflux recipes in Hindi |

 

 

ज्वार रोटी रेसिपी | ज्वार की रोटी | पौष्टिक ज्वार रोटी | Jowar Roti

 

 

अम्लता को नियंत्रित करने के लिए व्यंजनों के हमारे संग्रह का आनंद लें जो आपको स्वस्थ जीवन शैली के लिए पालन करना चाहिए। जो लोग अम्लता से पीड़ित हैं, उनके लिए नीचे दिए गए सभी विवरण देखें।

 

सुवा मूंग दाल सब्जी रेसिपी | हेल्दी शेपू पीली मूंग दाल सब्जी | सुखा डिल मूंग दाल सब्जी | Suva Moong Dal Sabzi

 

 

एसिडिटी क्या है? what is acidity in hindi?

अम्लता अपच का एक रूप है जिसमें पेट में जलन और पाचन तंत्र के लिए एसिड का संचय होता है।

 

अनियन थाईम सूप रेसिपी | प्याज का सूप | हेल्दी अनियन थाईम सूप | कम कैलोरी अनियन सूप | Onion Thyme Soup

 

 

पेट समय-समय पर पाचन में सहायता के लिए एसिड का उत्पादन करता है।

यह तब होता है जब हम नियमित अंतराल पर भोजन नहीं करते हैं या अत्यधिक तनाव में रहते हैं, पेट अधिक एसिड का उत्पादन करता है जो हमारे शरीर को परेशान करता है।

हमारी अम्लता हमारे पीएच स्तर से मापी जाती है जो 0 से 14. तक होती है। पीएच स्तर जितना कम आपके शरीर को उतना ही अधिक अम्लीय लगता है। 7 पीएच का एक तटस्थ स्तर है, जबकि यह हमेशा आपके शरीर को 7.35 से 7.45 के पीएच पर थोड़ा क्षारीय रखने के लिए बेहतर है।

जब आपके क्षारीय आप हमेशा बेहतर महसूस करेंगे। यह एक उच्च की तरह है और आपको इसका एहसास तभी होता है जब आप अम्लीय से क्षारीय हो जाते हैं। इसे पूरे दिन करना होता है क्योंकि शरीर का पीएच स्तर बदलता रहता है। सौभाग्य से किडनी शरीर के अधिकांश पीएच स्तर को नियंत्रित करती है।

 

पांच GERD-अनुकूल भारतीय नाश्ते की रेसिपी. five GERD-friendly Indian breakfast recipes

 

यहाँ GERD-अनुकूल भारतीय ब्रेकफास्ट की 5 रेसिपी हिंदी में हैं। ये पेट के लिए कोमल हैं, एसिड ट्रिगर (भारी मसाले, लहसुन, प्याज, टमाटर, खट्टे फल, तला हुआ) से मुक्त हैं, आसानी से पचने वाली हैं और एसिड रिफ्लक्स या हार्टबर्न वाले अधिकांश लोगों के लिए उपयुक्त हैं। ये बाजरा, ज्वार, मूंग दाल, ओट्स, दही और हल्की सब्जियों/फलों पर आधारित हैं, जो भारतीय स्वास्थ्य साइटों और GERD डाइट दिशानिर्देशों के अनुसार हैं।

GERD-अनुकूल नाश्ते के लिए मुख्य दिशानिर्देश

  • छोटे-छोटे हिस्से धीरे-धीरे खाएं।
  • खाने के बाद 2–3 घंटे तक लेटें नहीं।
  • तेल/घी बहुत कम (या बिल्कुल न) इस्तेमाल करें; भाप में पकाना, उबालना या हल्के तवे पर सेंकना बेहतर।
  • कच्चा प्याज/लहसुन, ज्यादा मिर्च, खट्टे फल, कॉफी/चाय से बचें।
  • अजवाइन पानी, तुलसी पानी या सादा छाछ (बिना मिर्च) के साथ मिलाकर लें।

1. बाजरा (मोती) की रोटी + हल्की मिक्स वेज सब्जी

  • GERD के लिए क्यों अच्छी: बाजरा बहुत क्षारीय और पचने में आसान है; हल्की सब्जियाँ (पत्तागोभी, हरे मटर, गाजर) कम एसिड वाली और फाइबर से भरपूर हैं, जलन नहीं करतीं।
  • तेज रेसिपी:
    • बाजरा आटे में पानी डालकर नरम आटा गूंथें → मोटी रोटियाँ बेलें → तवे पर सेंकें।
    • सब्जी: पत्तागोभी + हरे मटर + गाजर को हल्का उबालें/भाप में पकाएँ, जीरा, हींग और नमक डालें (मिर्च/लहसुन/प्याज नहीं)।
    • गर्मागर्म थोड़े दही के साथ परोसें।
  • तैयारी समय: 20–25 मिनट | कितने लोगों के लिए: 2

2. हरी मूंग दाल चीला रेसिपी (नमकीन दाल का पैनकेक)

  • GERD के लिए क्यों अच्छी: मूंग दाल सबसे हल्की और पचने में आसान दाल है, कम एसिड वाली; फर्मेंटेशन की जरूरत नहीं।
  • तेज रेसिपी:
    • 1 कप मूंग दाल भिगोएँ → पानी, नमक, जीरा और चुटकी हींग के साथ पीसकर बैटर बनाएँ।
    • कद्दूकस की हुई सब्जियाँ (गाजर, तोरई या लौकी) मिलाएँ → नॉन-स्टिक तवे पर पतला फैलाएँ → दोनों तरफ हल्के तेल से सेंकें।
    • पुदीना-धनिया चटनी (बिना मिर्च) या सादा दही के साथ परोसें।
  • तैयारी समय: 15–20 मिनट (भिगोने के बाद) | कितने लोगों के लिए: 2–3

 

3. ओट्स उपमा (नमकीन ओट्स का हलवा)

  • GERD के लिए क्यों अच्छी: ओट्स शांत करने वाले और घुलनशील फाइबर (बीटा-ग्लूकन) से भरपूर हैं जो पेट की परत को कोट करते हैं; हल्की सब्जियाँ बिना एसिड के भराव देती हैं।
  • तेज रेसिपी:
    • 1 कप रोल्ड ओट्स को सूखा भून लें → अलग रखें।
    • पैन में 1 छोटा चम्मच तेल गर्म करें → जीरा + हींग डालें → कद्दूकस की हुई गाजर, मटर, बीन्स भूनें → पानी + नमक डालकर उबालें → ओट्स डालकर 5–7 मिनट तक गाढ़ा होने तक पकाएँ।
    • धनिया पत्ती से सजाएँ।
  • तैयारी समय: 15 मिनट | कितने लोगों के लिए: 2

 

4. ज्वार (ज्वारी) की रोटी + खीरे का रायता

  • GERD के लिए क्यों अच्छी: ज्वार क्षारीय और ग्लूटेन-मुक्त है; खीरा + दही ठंडक देने वाला और कम एसिड वाला है।
  • तेज रेसिपी:
    • ज्वार के आटे में गुनगुना पानी डालकर गूंथें → मोटी रोटियाँ बेलें → तवे पर सेंकें।
    • रायता: खीरा कद्दूकस करें → सादे दही, भुना जीरा पाउडर और नमक मिलाएँ (मिर्च नहीं)।
    • दोनों साथ परोसें।
  • तैयारी समय: 20 मिनट | कितने लोगों के लिए: 2

5. सादा दही (दही) + केला या पका पपीता

  • GERD के लिए क्यों अच्छी: ठंडा दही शांत करने वाला और प्रोबायोटिक है; केला और पका पपीता कम एसिड वाले, क्षारीय बनने वाले फल हैं जो पेट को कोट करते हैं।
  • तेज रेसिपी:
    • घर का बना सादा दही (जरूरत हो तो कम वसा वाला) फेंटें → भुना जीरा पाउडर और सेंधा नमक चुटकी डालें।
    • पके केले या पपीते के टुकड़े ऊपर डालें।
    • वैकल्पिक: थोड़ा शहद (बहुत कम) डालकर मीठा करें।
  • तैयारी समय: 5 मिनट | कितने लोगों के लिए: 1–2

संक्षिप्त नोट

ये नाश्ते हल्के, भरने वाले और GERD-अनुकूल सिद्धांतों (छोटे भोजन, कम वसा, ज्यादा फाइबर, कोई ट्रिगर नहीं) के अनुरूप हैं। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी या अजवाइन पानी से करें ताकि अतिरिक्त राहत मिले। हमेशा अपने शरीर की सुनें — अगर कोई चीज़ फिर भी परेशान करे तो मात्रा कम करें या छोड़ दें। लक्षण बने रहने पर डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।

अपने कोमल और स्वादिष्ट सुबह का आनंद लें! 🌿 अगर आपको पूरी स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी, बदलाव या 7-दिन का प्लान चाहिए तो बताइए! 😊

 

अम्लीय खाद्य पदार्थों को सीमित या टाला जाना चाहिए, एसिड रिफ्लक्स खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए | Acidic Foods to be Limited or Avoided, Acid Reflux Foods to be Avoided.

 

एसिडिटी, हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स की जलन बहुत परेशान करने वाली होती है, है ना? अच्छी खबर यह है कि अपने खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव करके हम इस पर काबू पा सकते हैं।

 

यह लेख आपको एसिडिटी से बचने के लिए 38 भारतीय खाद्य पदार्थों के बारे में विस्तार से बताता है, जिससे आपको अपने पाचन स्वास्थ्य (digestive health) के लिए बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी। कॉफी और मसालेदार स्नैक्स जैसे रोजमर्रा के मुख्य व्यंजनों से लेकर कुछ फर्मेन्टेड खाद्य पदार्थों (fermented foods) और मीठी मिठाइयों तक, कई सामान्य चीजें उस जलन का कारण बन सकती हैं जिससे हम सभी डरते हैं।

जब एसिडिटी की शिकायत हो, तो इन चीज़ों को कम करने की कोशिश करें और देखें कि आपका पेट कितना आराम महसूस करता है:

  1. कॉफी
  2. शराब
  3. विनेगर
  4. कार्बोनेटेड/फिज़ी ड्रिंक्स (सोडा, कोल्ड ड्रिंक)
  5. बहुत मसालेदार खाना
  6. MSG (मोनोसोडियम ग्लूटामेट – चाइनीज़ या प्रोसेस्ड फूड में आम)
  7. इडली (और अन्य फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ)
  8. डोसा (और अन्य फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ)
  9. अप्पम (और अन्य फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ)
  10. रसगुल्ला
  11. गुलाब जामुन
  12. चिक्की
  13. पेड़ा
  14. लाडू
  15. चीनी (ज़्यादा मात्रा में)
  16. कृत्रिम मिठास (आर्टिफिशियल स्वीटनर)
  17. अंडे
  18. ब्रेड
  19. पास्ता
  20. नूडल्स्
  21. सूजी
  22. मैदा (रिफाइंड आटा)
  23. पोहा (चिवड़ा/चावल के चिप्स)
  24. चीज़
  25. पनीर
  26. मेयोनीज़
  27. मक्खन
  28. अखरोट
  29. मूंगफली
  30. प्रोसेस्ड फ्रूट जूस (पैकेट वाले जूस)
  31. कैन वाले फल
  32. अरहर/तुअर दाल
  33. सोयाबीन (और सोया से बने उत्पाद जैसे सोया चंक्स, सोया मिल्क)
  34. बेसन (चना दाल का आटा)
  35. चावल (खासकर सफेद चावल ज़्यादा मात्रा में)
  36. पकी हुई पालक
  37. ओटस् (कुछ लोगों में – हर किसी पर अलग असर)

कुछ छोटी-छोटी बातें याद रखें

  • इस सूची में हर चीज़ हर किसी को परेशान नहीं करती — आपका शरीर अलग है!
  • इनमें से कई चीज़ें (जैसे चावल, ओट्स, पनीर, तुअर दाल) बहुत पौष्टिक हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं। बस थोड़ी कम मात्रा लें, इन्हें शांत करने वाले खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाएं (जैसे दही, खीरा या ढेर सारी सब्ज़ियाँ) और देखें कि आपके लिए क्या ठीक लगता है।
  • पूरी तरह बंद करने से ज़्यादा कम करने पर ध्यान दें — छोटे-छोटे बदलाव अक्सर सबसे बड़ा आराम देते हैं।

 

 

 

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लेकिन फिर भी, हम अत्यधिक क्षारीय रहने की सलाह देते हैं क्योंकि इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। याद रखें कि हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन को तोड़ने के लिए हर 3 से 4 घंटे में पेट से एसिड निकलता है।

तो यह हमेशा नियमित छोटे भोजन खाने के लिए अच्छा है अन्यथा एसिड अम्लता पैदा करने के लिए पेट के अस्तर पर हमला करेगा।

 

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एसिडिटी के 6 कारण?

‘हरी वरी एन्ड करी’, दूसरे शब्दों में: जल्दबाजी में खाना, तनाव और मसालेदार भोजन अम्लता का प्राथमिक कारण हैं। इनके अलावा, नीचे दिए गए अम्लता के कुछ अन्य कारण हैं।

 

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एसिडिटी के कारण क्या हैं? रोजमर्रा के मुख्य ट्रिगर? what are the reasons for acidity in hindi?

एसिडिटी (जिसे हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स भी कहते हैं) तब होती है जब पेट में बहुत ज्यादा एसिड बनता है या वह एसिड खाने की नली (एसोफैगस) में वापस चला जाता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकारें या असहजता महसूस होती है।

भारतीय जीवनशैली में ये सबसे आम कारण हैं जिनसे एसिडिटी बढ़ जाती है:

  1. अनियमित भोजन और भोजन छोड़ना जब आप समय पर नहीं खाते या लंबे समय तक भूखे रहते हैं, तो पेट में एसिड बनता रहता है लेकिन उसे पचाने के लिए खाना नहीं होता। यह अतिरिक्त एसिड पेट की परत को जलन देता है। छोटे-छोटे और समय पर भोजन (हर 3–4 घंटे में) लेने से यह समस्या बहुत कम हो जाती है।
  2. ज्यादा तैलीय, तला-भुना और मसालेदार खाना भारतीय पसंदीदा जैसे पकौड़े, समोसे, भारी ग्रेवी वाली सब्जियाँ, बिरयानी या बहुत मसालेदार करी (ज्यादा मिर्च, गरम मसाला या लाल मिर्च पाउडर) पेट में एसिड बढ़ाते हैं और पाचन को धीमा कर देते हैं। तैलीय खाना पेट और खाने की नली के बीच के वाल्व (लोअर एसोफेजियल स्फिंक्टर) को ढीला कर देता है, जिससे एसिड आसानी से ऊपर आ जाता है।
  3. तनाव और चिंता तनाव सिर्फ दिमाग पर नहीं, सीधे पेट पर भी असर डालता है — यह पेट में एसिड उत्पादन बढ़ाता है और पाचन को धीमा कर देता है। कई लोग नोटिस करते हैं कि काम का प्रेशर, परीक्षा या भावनात्मक तनाव के दौरान एसिडिटी बढ़ जाती है। रोज 5–10 मिनट गहरी साँस लेना, योग या हल्की सैर तनाव कम करने में मदद करती है।
  4. ज्यादा खाना – खासकर सोने से पहले बड़े भोजन (त्योहारों या फैमिली गेदरिंग में आम) पेट पर दबाव डालते हैं और एसिड को ऊपर धकेल देते हैं। भारी डिनर के तुरंत बाद लेट जाना इसे और बिगाड़ देता है — गुरुत्वाकर्षण अब एसिड को नीचे नहीं रख पाता। सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले डिनर खत्म करना सबसे अच्छा है।
  5. खाने के बाद गलत मुद्रा झुककर बैठना, आगे झुकना या खाने के तुरंत बाद लेट जाना पेट के एसिड को खाने की नली में वापस आने देता है। खाने के बाद सीधे बैठना या 10–15 मिनट की हल्की सैर करना एसिड को सही जगह पर रखने में मदद करता है।
  6. ज्यादा शराब पीना शराब (खासकर बीयर, वाइन और स्पिरिट) पेट और खाने की नली के बीच के वाल्व को ढीला करती है और पेट की परत को जलन देती है, जिससे एसिड उत्पादन बढ़ता है और रिफ्लक्स होता है। कभी-कभी ज्यादा पीने से अगले दिन भी लक्षण दिखते हैं।

इन ट्रिगर को कम करने के लिए तुरंत अपनाएँ ये टिप्स

  • समय पर खाना खाएँ — कभी लंबे समय तक भूखे न रहें।
  • हल्की कुकिंग विधियाँ चुनें: भाप में पकाना, उबालना, ग्रिल करना या हल्का तवा इस्तेमाल करना, डीप फ्राई से बचें।
  • रोज 5–10 मिनट गहरी साँस या मेडिटेशन से तनाव कम करें।
  • डिनर हल्का और जल्दी लें।
  • खाने के बाद सीधे बैठें या धीरे-धीरे टहलें।

इन आम कारणों को कम करने या टालने से कई लोगों को कुछ ही दिनों में एसिडिटी में बहुत राहत मिलती है।

अगर लक्षण बार-बार हों, बहुत तेज हों या वजन कम होना, निगलने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण साथ हों, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें — यह GERD या कोई अन्य समस्या हो सकती है।

 

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एसिडिटी के लक्षण, symptoms of acidity

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एसिडिटी (जिसे हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स भी कहते हैं) बहुत आम समस्या है, खासकर भारतीय खान-पान में मसाले, अनियमित भोजन और तनाव के कारण। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जब तक यह रोजमर्रा की परेशानी न बन जाए।

क्या आपको एसिडिटी है? जल्दी पता करने के लिए नीचे दिए लक्षणों को चेक करें।

हाँ, आप एसिडिटी से प्रभावित हो सकते हैं अगर आपको ये सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं:

  1. पाचन तंत्र में जलन की अनुभूति सबसे आम और क्लासिक लक्षण — सीने में जलन (हार्टबर्न), ऊपरी पेट में जलन या गले में जलन, जो अक्सर खाने के बाद या लेटने पर बढ़ जाती है।
  2. सिरदर्द बार-बार एसिडिटी होने से तनाव सिरदर्द या माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है, खासकर जब एसिड रिफ्लक्स नसों को परेशान करता है या खराब पाचन से डिहाइड्रेशन होता है।
  3. खट्टी या कड़वी डकार (एसिडिक बेल्चिंग) मुंह में खट्टा, अम्लीय या कड़वा स्वाद आना — यह साफ संकेत है कि पेट का एसिड खाने की नली में वापस आ रहा है।
  4. चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना (लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया के कारण) अनियमित भोजन + एसिडिटी से ब्लड शुगर लेवल बिगड़ सकता है, जिससे अचानक चक्कर, कमजोरी, हाथ-पैर कांपना या बेहोशी जैसा महसूस होना शुरू हो जाता है।

 

सिडिटी के लिए भोजन गाइड – एसिडिक बनाम अल्कलाइन खाद्य पदार्थ. Food Guide for Acidity

एसिडिटी, हार्टबर्न या एसिड रिफ्लक्स को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए यह समझना बहुत उपयोगी है कि कौन से खाद्य पदार्थ एसिडिक (अम्लीय) होते हैं (जो लक्षण बढ़ा सकते हैं) और कौन से अल्कलाइन (क्षारीय) होते हैं (जो आमतौर पर पेट को शांत और आराम देते हैं)।

 

नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों को विभिन्न श्रेणियों में बाँटा गया है और उनकी प्राकृतिक अम्लीय या क्षारीय प्रकृति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। लेकिन ध्यान रखें: कुछ खाद्य पदार्थ कच्चे में अम्लीय लगते हैं, पर पाचन के दौरान वे क्षारीय बन जाते हैं और ज्यादातर मामलों में एसिडिटी नहीं बढ़ाते।

 

सामान्य नियम अगर आपको बार-बार एसिडिटी होती है, तो ज्यादातर एसिडिक खाद्य पदार्थों को सीमित या बचने की कोशिश करें और अल्कलाइन खाद्य पदार्थों को खुलकर खाएं। फिर भी, हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है — किसी के लिए जो परेशानी पैदा करता है, वह दूसरे के लिए ठीक हो सकता है। अपने शरीर की सुनें, छोटी मात्रा से शुरू करें और देखें कि आपके लिए क्या सबसे अच्छा काम करता है।

अनाज और ग्रेन्स (Cereals & Grains)

  • एसिडिक (सीमित मात्रा में / संयम से खाएं): गेहूँ (और गेहूँ के आटे से बने उत्पाद जैसे चपाती, ब्रेड, पास्ता, नूडल्स, सेवई), चावल, सूखा मक्का, पोहा, रवा (सूजी), ओट्स, ब्राउन राइस, बकव्हीट, रागी (नाचनी)। → ये पौष्टिक हैं और संतुलित आहार का हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह से छोड़ने की जरूरत नहीं। छोटी मात्रा में लें और हमेशा इन्हें अल्कलाइन चीजों के साथ मिलाकर खाएं (उदाहरण: चावल को ढेर सारी सब्जियों के साथ मिलाएं, या चपाती को अंकुरित दालों के साथ लें)। समय के साथ आपको पता चल जाएगा कि आपकी बॉडी के लिए इनकी सही मात्रा कितनी है।
  • अल्कलाइन (आमतौर पर सुरक्षित): ज्वार (सोरघम) और बाजरा (पर्ल मिलेट)।

दालें और फलियाँ (Pulses & Legumes)

  • एसिडिक (सीमित करें): ज्यादातर दालें और फलियाँ — खासकर तुअर/तुअर दाल, सोयाबीन और उसके उत्पाद (सोया मिल्क, चंक्स, ग्रेन्यूल्स), बेसन (चना दाल का आटा)।
  • अल्कलाइन (आमतौर पर सुरक्षित): सभी प्रकार के अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स)।

दूध और दूध उत्पाद (Milk & Dairy Products)

  • एसिडिक (सीमित करें): चीज़, पनीर, मेयोनीज़, मक्खन, क्रीम।
  • न्यूट्रल / अक्सर आरामदायक (सहनशक्ति के अनुसार खाएं): ठंडा दूध, दही (कर्ड/दही), आइसक्रीम, मिल्कशेक। → ये ज्यादातर लोगों के लिए न्यूट्रल माने जाते हैं, लेकिन प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है। जितनी मात्रा आपको आरामदायक लगे, उतनी ही लें।

सब्जियाँ (Vegetables)

  • एसिडिक (सीमित करें): सफेद शतावरी के टिप्स (white asparagus tips), पकी हुई पालक।
  • अल्कलाइन (आमतौर पर सुरक्षित): लगभग सभी अन्य सब्जियाँ — हरी पत्तेदार सब्जियाँ (कच्ची पालक, मेथी/फेनुग्रीक, चौलाई), लेट्यूस, हरी शतावरी, पत्तागोभी, बैंगन, भिंडी (लेडी फिंगर), मशरूम, हरे मटर, खीरा, प्याज, आलू, गाजर, कद्दू, मूली, टमाटर, ब्रोकली आदि।

फल (Fruits)

  • एसिडिक (सीमित / सावधानी से): बेर (plums), जैतून (olives), प्रून्स, नींबू, संतरा, अनानास, मीठा नींबू (मोसंबी), प्रोसेस्ड/कैन फ्रूट जूस, कैन वाले फल।
  • अल्कलाइन (आमतौर पर सुरक्षित): ज्यादातर अन्य फल — केला, आम, अंगूर, सेब, बेरी, अंजीर, पपीता, आड़ू, तरबूज, चीकू (सपोटा), नाशपाती, खरबूजा आदि। → ध्यान दें: कुछ खट्टे फल (नींबू, संतरा, अनानास, मीठा नींबू) खाने में अम्लीय होते हैं, लेकिन पाचन के दौरान क्षारीय बन जाते हैं और ज्यादातर मामलों में समस्या नहीं करते। फिर भी, अगर आपकी एसिडिटी पहले से सक्रिय है, तो इन्हें थोड़ी मात्रा में ही लें जो आपके लिए ठीक हो।

नट्स और तिलहन (Nuts & Oilseeds)

  • एसिडिक (सीमित करें): सूखा नारियल, अखरोट, मूंगफली, काजू।
  • अल्कलाइन (आमतौर पर सुरक्षित): बादाम, सूखे अंजीर, सूखी खजूर (खारेक), किशमिश, खुबानी (apricots), ताजा नारियल।

अन्य (Miscellaneous)

  • एसिडिक (कड़ाई से सीमित / बचें): चाय, कॉफी, शराब, सिरका, कार्बोनेटेड/फिजी ड्रिंक्स, बहुत मसालेदार खाना, तला हुआ खाना, अचार, चॉकलेट, एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट), मार्जरीन, फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ (इडली, डोसा, ढोकला आदि), मिठाई/मिठाई, चीनी, आर्टिफिशियल स्वीटनर, नॉन-वेज खाना, अंडे, बहुत प्रोसेस्ड फूड्स।
  • अल्कलाइन / आरामदायक (आमतौर पर सुरक्षित): अदरक की चाय, हर्बल टी, शहद, दालचीनी

महत्वपूर्ण अंतिम नोट्स

  • ऊपर दी गई वर्गीकरण सामान्य दिशानिर्देश हैं जो आपको रोजमर्रा के बेहतर चुनाव करने में मदद करेंगे — ये कठोर नियम नहीं हैं।
  • प्रतिक्रियाएँ बहुत व्यक्तिगत होती हैं। किसी और के लिए जो एसिडिटी पैदा करता है, वह आपके लिए बिल्कुल ठीक हो सकता है (और इसके उलट भी)।
  • सोच-समझकर प्रयोग करें: छोटी मात्रा से शुरू करें, एसिडिक चीजों को अल्कलाइन के साथ मिलाकर खाएं (जैसे चावल + ढेर सारी सब्जियाँ), और कुछ हफ्तों तक देखें कि आपका शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है।
  • लक्ष्य किसी भी खाद्य समूह को पूरी तरह खत्म करना नहीं है, बल्कि एक संतुलित, स्वादिष्ट और आनंददायक खान-पान की आदत बनाना है जो एसिडिटी को नियंत्रित रखे।

 

 

इसलिए यदि आप एसिडिटी से पीड़ित हैं, तो अक्सर अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचने या प्रतिबंधित करने की कोशिश करें (जैसा कि नीचे दी गई तालिका में दिया गया है) जबकि क्षारीय खाद्य पदार्थ स्वतंत्र रूप से खाए जा सकते हैं।

 

अलसी रायता रेसिपी | हेल्दी लौकी अलसी रायता | ओमेगा-3 फैटी एसिड और कॅल्शियम युक्त रेसिपी | flax seed raita


 

यद्यपि इन खाद्य पदार्थों को आपके लिए विकल्प बनाने के लिए वर्गीकृत किया गया है, प्रत्येक भोजन की प्रतिक्रिया बहुत ही व्यक्तिपरक है और व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होती है इसलिए उन खाद्य पदार्थों को चुनें जो आपको सबसे अच्छा लगते हैं और आपको अम्लता से दूर रखने में मदद करते हैं।

 

 

खाद्य - समूह - अम्लीय क्षारीय | Food - Group - Acidic Alkaline

 

एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए | what not to eat in acidity | एसिडिटी में कौन सा खाना खाने की मात्रा प्रतिबंधित है. what food in restricted quantity to eat in acidity 

 

अनाज -cereals

ये खाद्य पदार्थ प्रकृति में अम्लीय होते हैं लेकिन हमारे दैनिक आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और पौष्टिक भी होते हैं, इसलिए इनसे पूरी तरह परहेज न करें। ये खाद्य पदार्थ हम में से प्रत्येक के लिए अलग-अलग प्रतिक्रिया कर सकते हैं, इसलिए इन्हें कम मात्रा में खाएं और अन्य क्षारीय खाद्य पदार्थों के साथ मिलाएं जैसे कि बहुत सारी सब्जियों (क्षारीय) के साथ चावल (अम्लीय) मिलाएं, अंकुरित (क्षारीय) आदि के साथ चपाती (अम्लीय) लें।

 

  1. गेहूँ • wheat

  2. चावल • rice

  3. पोहा • poha

  4. जई • barley

  5. ब्राउन चावल • brown rice

 

इस भोजन को अम्लीय या क्षारीय के रूप में वर्गीकृत करना मुश्किल है इसलिए इसे केवल तभी खाएं जब यह आपके लिए उपयुक्त हो। 

सूखा मक्का आदि और उनका आटा, उनके उत्पाद जैसे रोटी, पास्ता, नूडल्स, सेंवई,   और रागी (नचनी) •• । ज्वार, और बाजरा।

This food is difficult to classify as acidic or alkaline hence have it only if it suits you.

 

1. कुट्टू (buckwheat)

2. रागी (नचनी) (ragi, nachni)

 

 

तीस-दिवसीय भारतीय एसिडिटी आहार योजना.Thirty-Day Acidity Diet Plan

 

मुख्य सिद्धांत (Tarla Dalal के अनुसार)

  • छोटे-छोटे और बार-बार भोजन लें (5–6 बार/दिन), हर 3–4 घंटे में।
  • रात का खाना सोने से 2–3 घंटे पहले खत्म करें।
  • ज्वार, बाजरा, मूंग दाल, अंकुरित (दिन में ही), दही, छाछ, हरी सब्जियां, गैर-खट्टे फल, हल्के मसाले (जीरा, अजवाइन, हींग) प्राथमिकता दें।
  • स्पाइसी/तला/प्रोसेस्ड खाना, अचार, खट्टे फल, चाय/कॉफी, शराब आदि से बचें।
  • सुबह गुनगुना पानी या अजवाइन/तुलसी पानी से शुरू करें।

तीस-दिन का प्लान (सप्ताह 1–4 दोहराएं, छोटे बदलाव के साथ). 

सप्ताह 1 – फोकस: बाजरा और मूंग दाल. Week 1 – Focus: Millet and Mung beans.

दिन 4–7: दिन 1–3 को दोहराएं + छोटे बदलाव (जैसे दिन 5 पर ग्रीन पीज पराठा, दिन 6 पर सुवा मूंग दाल, दिन 7 पर रोटली)।

सप्ताह 2 – फोकस: ज्यादा सब्जियां और अंकुरित (केवल दिन में)

  • सप्ताह 1 जैसा पैटर्न रखें, लेकिन सब्जियां बदलें:
    • गाजर मेथी सब्जी
    • गोभी वताना नु शाक
    • लेट्यूस, टमाटर और खीरा सलाद (टमाटर कम)
    • मूंग दाल मेथी सब्जी

सप्ताह 3 – फोकस: दही आधारित और हल्की खिचड़ी/चावल

सप्ताह 4 – फोकस: विविधता और समेकन

 

अतिरिक्त सुझाव

  • धीरे-धीरे चबाएं, शांत वातावरण में खाएं।
  • खाने के बाद 10–15 मिनट टहलें या सीधे बैठें।
  • अगर लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें (यह चिकित्सा सलाह नहीं है)।
  • लक्षण डायरी में नोट करें और हिस्से/मसाले एडजस्ट करें।

 

एसिडिटी के लिए अच्छे भारतीय अनाज और आटा. Indian Cereals and Flours good for Acidity

ज्वार और बाजरा जैसे अनाज सबसे ज़्यादा एल्कलाइन माने जाते हैं और इसलिए पेट के लिए अच्छे होते हैं।

 

रोटियों और पराठों में अम्लता कम करने के लिए ज्वार | Jowar to lower acidity in rotis and parathas in Hindi |

ज्वार क्षारीय प्रकृति का होता है और अम्लता का मुकाबला करता है। एसिडिटी अपच का एक रूप है जिसमें एसिड जमा हो जाता है जिससे पेट और पाचन तंत्र में जलन होती है।

पेट समय-समय पर पाचन में सहायता के लिए एसिड का उत्पादन करता है। यह तब होता है जब हम नियमित अंतराल पर भोजन नहीं करते हैं या अत्यधिक तनाव में होते हैं तो पेट अधिक एसिड पैदा करता है जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। मैदा खाने के बजाय अपने भोजन के साथ ज्वार की रोटी या ज्वार भाकरी लेना एक बढ़िया विकल्प है।

 

ज्वार रोटी |  ज्वार की रोटी |  पौष्टिक ज्वार रोटी |  jowar roti recipe in hindi | 

 

 

रोटी और परांठे में एसिडिटी कम करने के लिए बाजरा हिंदी में | Bajra to lower acidity in rotis and parathas in Hindi |

 

बाजरा क्षारीय प्रकृति का होता है और एसिडिटी को कम करता है। एसिडिटी अपच का एक रूप है जिसमें एसिड जमा हो जाता है जिससे पेट और पाचन तंत्र में जलन होती है। पेट समय-समय पर पाचन में सहायता के लिए एसिड का उत्पादन करता है।

यह तब होता है जब हम नियमित अंतराल पर भोजन नहीं करते हैं या अत्यधिक तनाव में होते हैं तो पेट अधिक एसिड पैदा करता है जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। अपने भोजन के साथ बाजरे की रोटी या बाजरे का रोटला खाना हमेशा सेहतमंद होता है क्योंकि यह रोटी फाइबर से भरपूर होती है और आपको लंबे समय तक भरा हुआ रखेगी।

रोटला रेसिपी | बाजरा का रोटला | गुजराती स्टाइल बाजरा रोटला | हेल्दी बाजरा रोटी | rotla recipe

 

ज्वार बाजरा गार्लिक रोटी | हेल्दी बाजरा ज्वार लहसुन रोटी | वजन कम करने के लिए ज्वार बाजरा गार्लिक रोटी | Jowar Bajra Garlic Roti

 

 

 

 

बीन स्प्राउट्स सुआ सलाद रेसिपी | हेल्दी बीन स्प्राउट्स सोआ भाजी सलाद | भारतीय स्टाइल बीन स्प्राउट्स सलाद | bean sprouts dill salad

 

 

 

हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे कच्ची पालक, मेथी, अमरंथ आदि लेट्यूस, शतावरी साग, गोभी, बैंगन, भिंडी, मशरूम, हरी मटर, ककड़ी, प्याज, आलू, गाजर, कद्दू, मूली, टमाटर, ब्रोकोली आदि।

 

गोभी, गाजर और लैट्यूस सलाद रेसिपी | कैबॅज, कॅरट एण्ड लैट्यूस सलाद | हेल्दी गोभी, गाजर और लैट्यूस सलाद | cabbage carrot and lettuce salad recipe

 

 

 

 

 

एसिडिटी के लिए फल. Fruits for Acidity

केला, आम, अंगूर, सेब, बेरी, अंजीर, पपीता, आड़ू, तरबूज, चीकू, नाशपाती, खरबूजा वगैरह सभी फल एसिडिटी के लिए अलाउड लिस्ट में हैं। साबुत फल सबसे अच्छे होते हैं। एसिडिटी को दूर रखने के लिए इन्हें खाने के बीच में खाएं।

 All fruits like bananas, mangoes, grapes, apples, berries, figs, papaya, peaches, watermelon, chickoo, pear, muskmelon etc. are in the allowed list for acidity. Whole fruits are best. Have them in between meals to keep acidity at bay.

 

मिन्टी एप्पल सलाद | हेल्दी पुदीना सेब सलाद | नींबू अदरक ड्रेसिंग के साथ पुदीना और एप्पल का सलाद | minty apple salad

 

 

नट और तिलहन सूखे नारियल, अखरोट, मूंगफली, और काजू। बादाम, सूखी अंजीर, सूखी खजूर, किशमिश, खुबानी और ताजा नारियल।

 

आलमंड बटर रेसिपी | घर का बना भारतीय स्टाइल बादाम का मक्खन | चंकी आलमंड बटर | almond butter recipe


 

एसिडिटी के लिए भारतीय पेय. Indian Drinks for Acidity

 

विविध चाय, कॉफी, शराब, सिरका, वातित पेय, मसालेदार और तले हुए खाद्य पदार्थ, अचार, चॉकलेट, एम एस जी (मोनो सोडियम ग्लूटामेट), मार्जरीन, किण्वित खाद्य पदार्थ जैसे इडली, डोसा, डोकलास आदि, मिष्ठान्न, मिठाई, चीनी, कृत्रिम मिठास, नॉन वेज पदार्थ, अंडे और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ। अदरक की चाय, हर्बल चाय, शहद और दालचीनी।

 

अदरक की चाय | अदरक का पानी | सर्दी और खांसी के लिए अदरक का पानी | सर्दी और खांसी के लिए घरेलु नुस्खे | ginger water recipe

 

 

 

• ये खाद्य पदार्थ प्रकृति में अम्लीय हैं, लेकिन हमारे दैनिक आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और पौष्टिक भी हैं, इसलिए इनसे पूरी तरह बचें नहीं। ये खाद्य पदार्थ हम में से हर एक के लिए अलग-अलग प्रतिक्रिया कर सकते हैं, इसलिए उन्हें संयम में खाएं और अन्य क्षारीय खाद्य पदार्थों के साथ संयोजन करें।

 

बहुत सारी सब्जियों (क्षारीय) के साथ चावल (अम्लीय) मिलाएं, स्प्राऊटस (क्षारीय) के साथ चपाती (अम्लीय) आदि के साथ समय का पता लगाएं कि कौन से खाद्य पदार्थ, और इस श्रेणी से किस मात्रा में आपके शरीर के संविधान के अनुरूप हैं।

 

कुट्टू डोसा रेसिपी | कुट्टू के आटे का डोसा | झटपट बक्वीट डोसा | Buckwheat Dosa

 

 

•• यह भोजन अम्लीय या क्षारीय के रूप में वर्गीकृत करना मुश्किल है, इसलिए यह केवल तभी खाए जब यह आपको सूट करता है।

 

क्विक वेजिटेबल ब्रोथ सूप रेसिपी | हेल्दी क्लियर इंडियन सूप | मिक्स्ड वेज क्लियर सूप | क्विक वेजिटेबल ब्रोथ सूप रेसिपी हिंदी में | Quick Vegetable Broth Soup, Healthy Clear Indian Soup

 

 

* इन खाद्य पदार्थों को तटस्थ माना जाता है, हालांकि उनकी प्रतिक्रियाएं व्यक्तिवादी होती हैं। इसलिए उन्हें उन राशियों में रखें जो आपके अनुरूप हैं।

 

एसिडिटी के लिए दालें. Dals and Pulses for Acidity

दालों में मूंग दाल सबसे आसानी से पच जाती है। आपको तुवर दाल नहीं खानी चाहिए क्योंकि इससे बदहजमी और सीने में जलन हो सकती है। कुछ लोगों में इससे पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है। Amongst the dals, moong dal is the easiest in digestion. You should avoid toovar dal as it may cause indigestion and heartburn. It leads to bloating in some too.

 

मूंग दाल की खिचड़ी | गुजराती मूंग दाल की खिचड़ी | पीले मूंग दाल की खिचड़ी | मूंग दाल और चावल की खिचड़ी | moong dal khichdi recipe

 

 

बाजरा, होल मूंग एण्ड ग्रीन पी खिचड़ी | हेल्दी बाजरा खिचड़ी | वजन कम करने के लिए खिचड़ी | Bajra, Whole Moong and Green Pea Khichdi

 

 

एसिडिटी के लिए बाजरे की खिचड़ी रेसिपी | एसिडिटी को नियंत्रित करने के लिए हेल्दी बाजरे की खिचड़ी | बाजरे की खिचड़ी भारतीय स्टाइल | bajra khichdi for acidity recipe

 

** ये फल प्रकृति में अम्लीय होते हैं लेकिन पाचन पर वे क्षारीय हो जाते हैं और इस तरह अम्लता का कारण नहीं बनते हैं।

हालाँकि, अगर आपको पहले से ही एसिडिटी है, तो इसके अधिक सेवन से यह बढ़ सकता है, इसलिए इनका सेवन करें।

 

पौष्टिक वेजिटेबल सलाद रेसिपी | मिक्स वेजिटेबल सलाद रेसिपी | भारतीय गाजर, पत्ता गोभी और शिमला मिर्च का सलाद | कम नमक उच्च फाइबर वेजिटेबल सलाद | कचुंबर सलाद | Nutritious Vegetable Salad, Low Salt and High Fiber Veg Salad

 

 

 

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स क्या है?

एसिडिटी एक पाचन समस्या है जिसमें पेट में अधिक एसिड बनने से जलन होती है। जब यह एसिड भोजन नली में वापस आता है, तो इसे एसिड रिफ्लक्स कहते हैं।  Learn more about GERD symptoms and causes from Mayo Clinic.

 

2. एसिडिटी में किन भारतीय खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?

मसालेदार भोजन, तले हुए स्नैक्स, मिठाइयाँ, किण्वित खाद्य पदार्थ (इडली, डोसा), कॉफी, शराब और कार्बोनेटेड पेय से बचना चाहिए। See NIDDK’s list of common GERD trigger foods.

 

3. क्या मिठाइयाँ एसिडिटी बढ़ाती हैं?

हाँ, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, लड्डू और हलवा जैसी मीठी चीज़ें पेट में एसिड बढ़ाकर एसिडिटी को बढ़ा सकती हैं।

 

4. क्या मसालेदार भोजन एसिडिटी के लिए हानिकारक है?

हाँ, मसालेदार भोजन पेट और भोजन नली की परत को परेशान करता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।

 

5. क्या कॉफी और चाय से एसिडिटी होती है?

हाँ, कॉफी और चाय पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ाती हैं और एसिड रिफ्लक्स को बढ़ा सकती हैं। Cleveland Clinic explains how caffeine affects acid reflux.

 

6. एसिडिटी में किण्वित भोजन क्यों नहीं खाना चाहिए?

इडली, डोसा और अप्पम जैसे किण्वित खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में गैस और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं।

 

7. एसिडिटी कम करने वाले खाद्य पदार्थ कौन-से हैं?

दही, केला, ओट्स, मूंग दाल, ज्वार की रोटी, नारियल पानी और तुलसी का पानी एसिडिटी में लाभदायक होते हैं।Johns Hopkins shares more on foods that may help prevent reflux.

 

8. क्या देर रात खाना एसिडिटी बढ़ाता है?

हाँ, देर रात खाना या खाने के तुरंत बाद लेटना एसिड रिफ्लक्स की समस्या को बढ़ाता है।

 

9. क्या जीवनशैली में बदलाव से एसिडिटी कम हो सकती है?

हाँ, छोटे-छोटे भोजन, तनाव कम करना, नियमित व्यायाम और सही खान-पान से एसिडिटी नियंत्रित की जा सकती है।

 

10. एसिडिटी के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

यदि एसिडिटी बार-बार हो या घरेलू उपायों से ठीक न हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

 

चिकित्सकीय अस्वीकरण. Medical disclaimer.

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक और सूचना उद्देश्य के लिए है और इसे चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स के लक्षण व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करते हैं। किसी भी प्रकार के आहार में बदलाव करने से पहले, विशेष रूप से यदि आपको लंबे समय से एसिडिटी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

 

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