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15 बंगाली मिठाई रेसिपी

User Tarla Dalal  •  Updated : Jan 09, 2026
   

बंगाली मिठाइयाँ भारत की समृद्ध मिठाई परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें उनकी नरम बनावट, हल्की मिठास और दूध आधारित तैयारी के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल की पाक परंपराओं में गहराई से जुड़ी ये मिठाइयाँ मुख्य रूप से ताज़ा छेना, धीमी आँच पर पकाया गया दूध और प्राकृतिक मिठास पर आधारित होती हैं। मसालों से भरपूर भारतीय मिठाइयों के विपरीत, बंगाली मिठाई में सूक्ष्म स्वाद और संतुलित मिठास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे ये हल्की होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी लगती हैं।

  
चीनी की चाशनी में डूबे हुए पिस्ता और केसर से सजे बंगाली रसगुल्ले लकड़ी के कटोरे में परोसे गए
Bengali Sweets - Read in English
બંગાળી મીઠાઈ - ગુજરાતી માં વાંચો (Bengali Sweets in Gujarati)

प्रसिद्ध बंगाली मिठाई रेसिपीज़ Famous Bengali Sweet Recipes

 

रसगुल्ला, संदेश और मिष्टी दोई जैसी लोकप्रिय बंगाली मिठाइयों को विश्व स्तर पर पहचान मिली है और इन्हें आमतौर पर त्योहारों, शादियों और धार्मिक अवसरों पर बनाया जाता है। इन मिठाइयों की पकाने की विधियों में अत्यधिक सटीकता पर जोर दिया जाता है, चाहे वह दूध को सही तरीके से फाड़ना हो या चीनी की चाशनी की सही स्थिरता प्राप्त करना। कई पारंपरिक रेसिपीज़ सदियों पुरानी विधियों का पालन करती हैं, जिससे उनकी प्रामाणिकता बनी रहती है और वे आज भी प्रासंगिक हैं।

टारला दलाल की आधिकारिक वेबसाइट जैसे प्लेटफॉर्म पर बंगाली मिठाइयों को सुव्यवस्थित श्रेणियों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे घरेलू रसोइयों के लिए असली स्वाद दोहराना आसान हो जाता है। छेना आधारित मिठाइयों से लेकर तली हुई चाशनी वाली मिठाइयों और सूखी त्योहार विशेष मिठाइयों तक, हर प्रकार बंगाल की परिष्कृत मिठाई संस्कृति को दर्शाता है। ये मिठाइयाँ केवल भोजन नहीं हैं, बल्कि संस्कृति की अभिव्यक्ति हैं, जो आतिथ्य, उत्सव और पाक-कला की उत्कृष्टता का प्रतीक हैं।

 

1.  छेना मिठाइयाँ Chhena Sweets

छेना आधारित मिठाइयाँ बंगाली मिठाई परंपरा की रीढ़ मानी जाती हैं। ये मिठाइयाँ ताज़ा फाड़े गए दूध से तैयार की जाती हैं, जिसे तब तक गूंथा जाता है जब तक वह मुलायम और चिकना न हो जाए। 

छेना की बनावट ही मिठाई की अंतिम गुणवत्ता तय करती है, इसलिए इसमें सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ये मिठाइयाँ आमतौर पर हल्की मीठी और कोमल स्वाद वाली होती हैं। 

ये नरम, ताज़ी और मुँह में घुल जाने वाली होती हैं। अधिकांश प्रसिद्ध बंगाली मिठाइयाँ इसी श्रेणी में आती हैं।

 

 

रसगुल्ला

रसगुल्ला एक क्लासिक बंगाली मिठाई है, जो मुलायम छेना के गोले हल्की चीनी की चाशनी में पकाकर बनाई जाती है। 

छेना को अच्छी तरह से गूंथकर सावधानी से आकार दिया जाता है ताकि मिठाई स्पंजी बने। चाशनी में उबालने पर गोले फूलते हैं और मिठास को समान रूप  

करते हैं। इसका परिणाम एक रसदार और हल्की बनावट होता है। अधिक ताज़गी के लिए रसगुल्ला ठंडा परोसा जाता है। यह मिठाई बंगाली मिठाई संस्कृति का प्रतीक है।

 

 

संदेश

संदेश हल्की सूखी मिठाई है, जिसे धीरे पकाए गए छेना और चीनी से बनाया जाता है। इसकी बनावट चिकनी और दाने रहित होती है तथा मिठास हल्की होती है। 

इसकी खुशबू बढ़ाने के लिए इसमें इलायची या केसर मिलाया जाता है। इसे साधारण चपटे आकार या सजावटी सांचों में ढाला जाता है। यह मिठाई हल्की और पचाने में आसान होती है। संदेश बंगाली मिठाइयों में सादगी और सुंदरता का प्रतीक है।

 

चुम चुम

चुम चुम बेलनाकार छेना मिठाई है, जिसे चीनी की चाशनी में पकाया जाता है। इसका बाहरी भाग हल्का सख्त और अंदर से मुलायम व स्पंजी होता है। 

यह मिठाई धीरे-धीरे चाशनी को सोखती है, जिससे इसका स्वाद संतुलित रहता है। इसे अक्सर नारियल के बुरादे या खोया से सजाया जाता है। चुम चुम स्वाद में समृद्ध लेकिन हल्की होती है। इसे विशेष अवसरों पर बनाया जाता है।

 

गुलाब संदेश

गुलाब संदेश में थोड़ा सख्त छेना उपयोग किया जाता है, जिससे इसकी बनावट ठोस रहती है। इसे चीनी के साथ धीरे-धीरे पकाया जाता है जब तक यह चिकना न हो जाए। 

इसकी मिठास हल्की और संतुलित होती है। यह मिठाई अपना आकार अच्छी तरह बनाए रखती है, इसलिए उपहार देने के लिए उपयुक्त है। इसका स्वाद साफ और दूधिया होता है। यह सादगी और लंबे समय तक टिकने की वजह से लोकप्रिय है।

 

 

2. दूध आधारित मिठाइयाँ  Milk Sweets

दूध आधारित बंगाली मिठाइयाँ धीमी आँच पर पकाकर तैयार की जाती हैं। ये मिठाइयाँ समृद्ध, मलाईदार और आराम देने वाली होती हैं। स्वाद और बनावट के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले दूध पर निर्भर करती हैं। इनकी मिठास हल्की और सुकून देने वाली होती है। इन्हें अक्सर ठंडा परोसा जाता है। ये त्योहारों और पारिवारिक भोजनों में आम हैं।

 

मिष्टी दोई

मिष्टी दोई पारंपरिक मीठा दही है, जो कैरामेलाइज़ किए गए दूध से बनाया जाता है। दूध को धीरे पकाकर प्राकृतिक रूप से जमाया जाता है, 

जिससे इसका विशिष्ट स्वाद आता है। इसकी बनावट मलाईदार और चिकनी होती है, जिसमें हल्की कैरामेल की खुशबू होती है। मिष्टी दोई को 

अक्सर मिट्टी के बर्तनों में जमाया जाता है। इसे ठंडा परोसा जाता है। यह बंगाली रसोई का अनिवार्य हिस्सा है।

 

पायेश

पायेश बंगाली चावल की खीर है, जो गोबिंदभोग चावल से बनाई जाती है। चावल को दूध में धीमी आँच पर पकाया जाता है। मिठास के लिए धीरे-धीरे चीनी मिलाई जाती है। 

इलायची इसकी खुशबू को निखारती है। इसकी बनावट समृद्ध लेकिन हल्की होती है। इसे त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर परोसा जाता है।

 

रबड़ी

रबड़ी दूध को उबालकर तब तक बनाई जाती है जब तक मोटी मलाई की परतें न बन जाएँ। इन परतों को इकट्ठा कर हल्का मीठा किया जाता है। 

रबड़ी का स्वाद समृद्ध और मलाईदार होता है। इसमें इलायची और मेवे मिलाए जाते हैं। इसकी बनावट गाढ़ी और शानदार होती है। यह त्योहारों की पसंदीदा मिठाई है।

 

खोया मिठाई

खोया मिठाई गाढ़े दूध के ठोस पदार्थ से बनाई जाती है। इसकी बनावट घनी लेकिन चिकनी होती है। मिठास संतुलित और भरपूर होती है। 

इसकी शेल्फ लाइफ लंबी होती है। इसे छोटे टुकड़ों में आकार दिया जाता है। यह त्योहारी उपहारों के लिए उपयुक्त है।

 

3. तली हुई चाशनी वाली मिठाइयाँ  Fried Syrup Sweets

तली हुई बंगाली मिठाइयाँ स्वाद में समृद्ध और भरपूर होती हैं। इन्हें धीमी आँच पर तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है। 

बाहर की परत सख्त रहती है जबकि अंदर से नरम होती हैं। सही बनावट के लिए तापमान नियंत्रण आवश्यक होता है। ये मिठाइयाँ त्योहारों में विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। इनका पारंपरिक महत्व बहुत गहरा है।

 

लवंग लतिका 

एक पारंपरिक बंगाली मिठाई है, जिसमें खोया की भरावन को आटे की परत में भरकर तला जाता है और फिर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है, ऊपर से लौंग लगाकर इसे सजाया जाता है।

 

काला जामुन (बंगाली शैली)

यह मिठाई खोया और छेना से बनाई जाती है। इसे गहरा होने तक तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है। इसकी बनावट नरम और रसदार होती है। 

मिठास गहरी और भरपूर होती है। इलायची इसकी खुशबू बढ़ाती है। यह एक त्योहारी स्वादिष्ट मिठाई है।

 

गुलाब जामुन

एक प्रसिद्ध भारतीय मिठाई है, जो दूध से बने नरम खोया या दूध ठोस से तैयार की जाती है। इन्हें सुनहरा होने तक तलकर गर्म चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। इसका स्वाद समृद्ध और मुँह में घुल जाने वाला होता है। इलायची और गुलाब जल की खुशबू इसे और भी खास बनाती है। यह मिठाई त्योहारों और विशेष अवसरों पर खास तौर पर बनाई जाती है।

 

4. सूखी बंगाली मिठाइयाँ  Dry Bengali Sweets

सूखी बंगाली मिठाइयों में नमी कम होती है। इन्हें आसानी से संग्रहित किया जा सकता है और ये उपहार के लिए आदर्श होती हैं। इनमें अक्सर नारियल, तिल या खोया का उपयोग किया जाता है। 

मिठास हल्की होती है। ये सरल लेकिन स्वादिष्ट होती हैं। आमतौर पर त्योहारों पर बनाई जाती हैं।

 

नारियल बर्फी

नारियल बर्फी एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई है, जो नारियल और दूध से बनी सामग्री से तैयार की जाती है। इसकी बनावट नरम होती है लेकिन हल्की मजबूती भी होती है। नारियल इसकी खुशबू और स्वाद को खास बनाता है। यह बर्फी अच्छी तरह जम जाती है और आसानी से टुकड़ों में काटी जा सकती है। इसे अक्सर त्योहारों और विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। नारियल बर्फी स्वाद में सरल और सभी को पसंद आने वाली मिठाई है।

 

 

मावा केसर रोल

मावा केसर रोल एक समृद्ध भारतीय मिठाई है, जो मुलायम मावे और केसर के स्वाद से बनाई जाती है। इसकी बनावट चिकनी और मुँह में घुल जाने वाली होती है। केसर की खुशबू इसे खास बनाती है। रोल का आकार इसे आकर्षक और परोसने में आसान बनाता है। इसकी मिठास संतुलित और स्वाद मलाईदार होता है। मावा केसर रोल अक्सर त्योहारों और खास अवसरों पर बनाया जाता है।

 

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

 

1. बंगाली मिठाइयाँ किस लिए प्रसिद्ध हैं?
इनकी नरम बनावट, दूध आधारित रेसिपी और हल्की मिठास के लिए।

 

2. सबसे अधिक उपयोग होने वाली सामग्री कौन-सी है?
ताज़ा छेना और दूध।

 

3. क्या बंगाली मिठाइयाँ बहुत मीठी होती हैं?
नहीं, ये अन्य भारतीय मिठाइयों की तुलना में कम मीठी होती हैं।

 

4. क्या ये मिठाइयाँ शाकाहारी होती हैं?
हाँ, अधिकांश बंगाली मिठाइयाँ शाकाहारी होती हैं।

 

5. सबसे लोकप्रिय मिठाई कौन-सी है?
रसगुल्ला सबसे प्रसिद्ध है।

 

6. क्या बंगाली मिठाइयाँ घर पर बनाई जा सकती हैं?
हाँ, सही तकनीक और ताज़ी सामग्री से।

 

7. क्या ये त्योहारों के लिए उपयुक्त हैं?
हाँ, इन्हें उत्सवों में व्यापक रूप से बनाया जाता है।

 

8. क्या इन्हें फ्रिज में रखना आवश्यक है?
दूध आधारित मिठाइयों के लिए आमतौर पर हाँ।

 

 

निष्कर्ष Conclusion

बंगाली मिठाइयाँ सादगी, संतुलन और कारीगरी पर आधारित एक परिष्कृत मिठाई परंपरा को दर्शाती हैं। मुलायम छेना मिठाइयों से लेकर समृद्ध दूध आधारित मिठाइयों और सूखी त्योहारी मिठाइयों तक, हर श्रेणी बंगाल की पाक विरासत को प्रतिबिंबित करती है। टारला दलाल जैसी विश्वसनीय वेबसाइटों पर उपलब्ध सुव्यवस्थित रेसिपियों की मदद से इन्हें घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इनकी हल्की मिठास और सुरुचिपूर्ण बनावट इन्हें हर अवसर के लिए कालजयी पसंद बनाती है।

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