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63 दक्षिण भारतीय ब्रेकफास्ट रेसिपी

User Tarla Dalal  •  Updated : Jan 06, 2026
   

दक्षिण भारत के पारंपरिक सुबह के भोजन  Classic Morning Meals from South India

अपने पोषण, सरलता और सुकून के संतुलन के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें रोज़मर्रा के नाश्ते के लिए आदर्श बनाते हैं। ये भोजन गहरी परंपराओं से जुड़े होते हैं और आमतौर पर चावल, दालों और प्राकृतिक किण्वन से तैयार किए जाते हैं, जिससे स्वाद और पाचन दोनों बेहतर होते हैं। दक्षिण भारत के घरों में सुबह की शुरुआत अक्सर नरम, स्टीम किए हुए व्यंजनों और हल्के क्रेप्स से होती है, जो बिना भारी लगे लगातार ऊर्जा प्रदान करते हैं।

  
हरे केले के पत्ते पर सजी नरम दक्षिण भारतीय इडली, साथ में सफेद कटोरियों में नारियल चटनी और सांभर परोसा गया है, और तस्वीर पर “South Indian Breakfast Recipes” लिखा हुआ दिखाई देता है।
South Indian Breakfast - Read in English
દક્ષિણ ભારતીય બ્રેકફાસ્ટ - ગુજરાતી માં વાંચો (South Indian Breakfast in Gujarati)

लोकप्रिय विकल्पों में ऐसे स्टीम किए हुए नाश्ते शामिल हैं जो पेट के लिए हल्के होते हैं और बच्चों व बुज़ुर्गों दोनों के लिए उपयुक्त होते हैं। इसके साथ ही डोसा जैसे नाश्ते भी होते हैं, जो कुरकुरी बनावट और हल्के खट्टे स्वाद का संतुलन देते हैं। ये भोजन आमतौर पर सरल साथ परोसे जाते हैं, जिससे मुख्य व्यंजन का स्वाद उभरकर आता है और व्यस्त सुबहों में तैयारी भी आसान रहती है।

 

पारंपरिक नाश्तों का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा चावल-आधारित आरामदायक व्यंजन हैं, जो पेट भरने वाले होने के साथ-साथ आसानी से पचने योग्य होते हैं। इन्हें अक्सर वन-बाउल मील के रूप में खाया जाता है, जिससे ये घर पर खाने और टिफिन दोनों के लिए सुविधाजनक बनते हैं। हल्का मसाला इन्हें हर तरह की स्वाद पसंद के लिए उपयुक्त बनाता है।

 

कुल मिलाकर, दक्षिण भारत के पारंपरिक सुबह के भोजन नाश्ते के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण दर्शाते हैं—जो पौष्टिक सामग्री, संतुलित पोषण और रोज़मर्रा की सुविधा पर केंद्रित है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवनशैली की व्यावहारिकता के मेल के कारण ये आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

 

1. पारंपरिक स्टीम किए हुए नाश्ते Traditional Steamed Breakfast Dishes

 

इडली

इडली एक नरम, स्टीम किया हुआ नाश्ता है जो किण्वित चावल और दाल के घोल से बनाया जाता है। यह पेट के लिए हल्का और आसानी से पचने योग्य होता है, इसलिए सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है। इसका हल्का स्वाद साधारण साथ के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। नरम बनावट के कारण इसे अक्सर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए चुना जाता है। यह एक भरोसेमंद और परिचित दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

क्विक रवा इडली

क्विक रवा इडली सूजी से बनने वाली एक इंस्टेंट इडली है, जिसमें फर्मेंटेशन की जरूरत नहीं होती। यह अचानक बनने वाले भोजन के लिए एकदम सही विकल्प है। दही और तड़का इसमें नरमी और स्वाद जोड़ते हैं। इसकी बनावट हल्की दानेदार लेकिन नम और मुलायम होती है। यह व्यस्त सुबहों और जल्दी बनने वाले शाम के नाश्ते के लिए आदर्श है।

 

 

कांचीपुरम इडली

कांचीपुरम इडली एक पारंपरिक मंदिर-शैली की इडली है, जो अपने मसालेदार और सुगंधित स्वाद के लिए जानी जाती है। इसमें कुटी हुई काली मिर्च, जीरा, अदरक और घी का इस्तेमाल किया जाता है। यह सामान्य इडली की तुलना में थोड़ी दरदरी और मसालेदार होती है। इसे अक्सर त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर बनाया जाता है। यह गरम-गरम नारियल की चटनी या ऊपर से घी डालकर बहुत स्वादिष्ट लगती है।

 

 

 

मेदु वड़ा

मेदु वड़ा दाल के घोल से बना एक नमकीन, डोनट के आकार का नाश्ता है। इसका बाहरी हिस्सा कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। हल्का मसाला इसे बच्चों और बुज़ुर्गों दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है। इसे अक्सर आरामदायक नाश्ते के हिस्से के रूप में परोसा जाता है। मेदु वड़ा एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

अप्पे

अप्पे किण्वित घोल से बने छोटे, नरम स्टीम किए हुए पकवान होते हैं। इन्हें परोसना आसान होता है और बच्चे इन्हें मज़े से खाते हैं। हल्का स्वाद इन्हें अलग-अलग साथ के साथ खाने योग्य बनाता है। सुविधा के लिए इन्हें छोटे हिस्सों में तैयार किया जाता है। ये दक्षिण भारतीय नाश्ते में सरलता और विविधता जोड़ते हैं।

 

 

 

2. डोसा और क्रेप शैली के नाश्ते Dosa Varieties & Crepe-Style Breakfasts

 

सादा डोसा

सादा डोसा किण्वित चावल और दाल से बना पतला और कुरकुरा क्रेप होता है। प्राकृतिक किण्वन के कारण यह लगातार ऊर्जा प्रदान करता है। हल्का खट्टा स्वाद पाचन को बेहतर बनाता है। इसे अलग-अलग साथ के साथ आसानी से खाया जा सकता है। सादा डोसा एक प्रमुख दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

मसाला डोसा

मसाला डोसा एक कुरकुरा डोसा होता है, जिसमें हल्के मसालेदार आलू की भरावन होती है। यह पेट भरने वाला और संतुलित पोषण प्रदान करता है। कार्बोहाइड्रेट और सब्ज़ियों का मेल इसे संतोषजनक बनाता है। यह लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। मसाला डोसा दक्षिण भारतीय नाश्ते में बेहद लोकप्रिय है।

 

 

सेट डोसा

सेट डोसा नरम और मोटे डोसे होते हैं, जिन्हें एक सेट में परोसा जाता है। ये फूले हुए और हल्के किण्वित होते हैं। नरम बनावट इन्हें बच्चों के लिए उपयुक्त बनाती है। यह आरामदायक पारिवारिक नाश्ते के लिए अच्छा विकल्प है। यह एक सुकून देने वाला दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

रवा डोसा

रवा डोसा सूजी से बने घोल से तैयार किया जाता है और यह पतला व जालीदार होता है। इसमें किण्वन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे समय की बचत होती है। कुरकुरी बनावट नाश्ते में विविधता लाती है। यह हल्का लेकिन संतोषजनक होता है। रवा डोसा आधुनिक दक्षिण भारतीय नाश्ते के लिए उपयुक्त है।

 

पेसरट्टू

पेसरट्टू हरे मूंग से बना डोसा होता है। यह प्राकृतिक रूप से प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर होता है। इसका स्वाद मिट्टी जैसा और पेट भरने वाला होता है, बिना भारी लगे। यह सक्रिय सुबह के लिए उपयुक्त है। पेसरट्टू एक पौष्टिक दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

 

3. चावल और अनाज आधारित आरामदायक नाश्ते Rice & Grain-Based Comfort Breakfasts

 

वेन पोंगल

वेन पोंगल चावल और दाल से बना नरम, दलिया जैसा नाश्ता है। यह सुकून देने वाला और आसानी से पचने योग्य होता है। यह शरीर को गर्माहट और स्थायी ऊर्जा देता है। यह सुबह-सुबह के लिए आदर्श है। वेन पोंगल एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय आरामदायक नाश्ता है।

 

उपमा

उपमा सूजी से बना जल्दी तैयार होने वाला नाश्ता है। ताज़ा खाने पर यह हल्का लेकिन पेट भरने वाला होता है। सब्ज़ियाँ इसमें बनावट और संतुलन जोड़ती हैं। यह व्यस्त कार्यदिवस की सुबहों के लिए उपयुक्त है। उपमा एक भरोसेमंद दक्षिण भारतीय नाश्ता है।

 

दही चावल

दही चावल ठंडक देने वाला और सुकूनदायक नाश्ता है। यह पाचन में सहायक होता है और पेट के लिए हल्का रहता है। इसका हल्का स्वाद बुज़ुर्गों के लिए अनुकूल होता है। इसे बनाना और परोसना आसान है। दही चावल अक्सर दक्षिण भारतीय नाश्ते में शामिल किया जाता है।

 

नींबू चावल

नींबू चावल स्वादिष्ट और ताज़गी भरा चावल का व्यंजन है। इसे पैक करना आसान होता है और यह लंबे समय तक ताज़ा रहता है। संतुलित मसाले इसे सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। यह जल्दी ऊर्जा प्रदान करता है। नींबू चावल दक्षिण भारतीय नाश्ते में अच्छा विकल्प है।

 

इमली चावल

इमली चावल खट्टा और हल्का मसालेदार स्वाद लिए होता है। यह पेट भरने वाला और खुशबूदार होता है। यह यात्रा या लंबी सुबहों के लिए उपयुक्त रहता है। यह स्टीम किए हुए व्यंजनों से अलग एक बदलाव देता है। इमली चावल नाश्ते में विविधता लाता है।

 

 

4. हेल्दी और इंस्टेंट दक्षिण भारतीय नाश्ते Healthy & Instant South Indian Breakfast Options

 

ओट्स इडली 

ओट्स इडली एक आधुनिक और हेल्दी विकल्प है, जिसमें पिसे हुए ओट्स और सूजी का इस्तेमाल होता है। यह फाइबर से भरपूर होती है और पाचन में मदद करती है। इसे आमतौर पर बिना फर्मेंटेशन के इंस्टेंट तरीके से बनाया जाता है। हेल्दी होने के बावजूद यह नरम और पेट भरने वाली होती है। यह फिटनेस-कॉन्शस लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है।

 

 

 

वेजिटेबल उपमा

वेजिटेबल उपमा मिश्रित सब्ज़ियों के कारण पोषण बढ़ाता है। यह बिना भारी लगे पेट भरता है। इसकी बनावट नरम और नम रहती है। यह आसानी से पचने वाला और संतोषजनक होता है। यह रोज़मर्रा के नाश्ते के लिए आदर्श है।

 

रागी डोसा

रागी डोसा उंगली बाजरा से बने घोल से तैयार किया जाता है। यह प्राकृतिक पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होता है। यह डोसा पेट भरने वाला और ऊर्जा देने वाला होता है। यह लंबे समय तक तृप्ति प्रदान करता है। रागी डोसा हेल्दी नाश्ते का अच्छा विकल्प है।

 

 

पोहा इडली

पोहा इडली में चावल और दाल के साथ-साथ पोहे का उपयोग किया जाता है, जिससे इडली बहुत नरम और हल्की बनती है। पोहा मिलाने से पीसने का समय कम हो जाता है और तैयारी आसान हो जाती है। इन इडलियों का स्वाद हल्का और थोड़ा मीठा होता है, जो सभी उम्र के लोगों को पसंद आता है। यह जल्दी बनने वाला नाश्ता और टिफिन के लिए बेहतरीन विकल्प है। पोहा इडली सांभर को अच्छे से सोख लेती है, जिससे स्वाद और बढ़ जाता है।

 

 

 

 

दक्षिण भारतीय नाश्ते पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) FAQs on South Indian Breakfast

 

1. दक्षिण भारतीय नाश्ता अन्य भारतीय नाश्तों से कैसे अलग है?

दक्षिण भारतीय नाश्ता चावल और दाल के उपयोग, हल्के मसालों और स्टीम या किण्वन विधियों के लिए जाना जाता है। ये तरीके भोजन को पचाने में आसान बनाते हैं। ये व्यंजन हल्के होते हुए भी पेट भरने वाले होते हैं।

 

2. क्या दक्षिण भारतीय नाश्ता रोज़ खाने के लिए स्वस्थ है?

हाँ, पारंपरिक तरीके से बनाया गया दक्षिण भारतीय नाश्ता स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। किण्वित भोजन आंत स्वास्थ्य और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। स्टीम किए हुए व्यंजन कम तेल वाले होते हैं।

 

3. क्या दक्षिण भारतीय नाश्ते बच्चों के लिए उपयुक्त हैं?

अधिकांश दक्षिण भारतीय नाश्ते नरम, हल्के स्वाद वाले और आसानी से चबाने योग्य होते हैं। इनका स्वाद बच्चों और बुज़ुर्गों दोनों को पसंद आता है। सब्ज़ियाँ जोड़कर पोषण बढ़ाया जा सकता है।

 

4. क्या दक्षिण भारतीय नाश्ता व्यस्त जीवनशैली में फिट बैठता है?

बिल्कुल। कई नाश्ते जल्दी तैयार किए जा सकते हैं या पहले से बनाए जा सकते हैं। इंस्टेंट विकल्प समय बचाते हैं और कामकाजी परिवारों के लिए उपयुक्त होते हैं।

 

5. क्या दक्षिण भारतीय नाश्ते शाकाहारी होते हैं?

हाँ, पारंपरिक दक्षिण भारतीय नाश्ते मुख्य रूप से शाकाहारी होते हैं। ये अनाज, दाल और सब्ज़ियों पर आधारित होते हैं।

 

6. दक्षिण भारतीय नाश्ते में किण्वन क्यों महत्वपूर्ण है?

किण्वन स्वाद, बनावट और पाचन को बेहतर बनाता है। यह पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ाता है। इसी कारण यह नाश्ता हल्का और ऊर्जावान महसूस होता है।

 

 

निष्कर्ष Conclusion

दक्षिण भारतीय नाश्ता परंपरा, पोषण और रोज़मर्रा की सुविधा का उत्तम संयोजन है। स्टीमिंग, किण्वन और चावल-दाल के उपयोग पर आधारित ये व्यंजन पाचन के लिए हल्के और संतोषजनक होते हैं। इनके सौम्य स्वाद और नरम बनावट बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी के लिए उपयुक्त हैं।

दक्षिण भारतीय नाश्ते की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनुकूलता है। पारंपरिक व्यंजन आज भी उतने ही प्रिय हैं, वहीं आधुनिक और इंस्टेंट विकल्प व्यस्त जीवनशैली में आसानी से फिट हो जाते हैं। पौष्टिक सामग्री पर ध्यान देने के कारण ये सुबह भर ऊर्जा और सुकून प्रदान करते हैं।

चाहे पारिवारिक नाश्ते के रूप में खाया जाए या जल्दी बनने वाले भोजन के तौर पर, दक्षिण भारतीय नाश्ता दिन की शुरुआत के लिए एक भरोसेमंद और पौष्टिक विकल्प बना हुआ है।

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