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अलसी शकरपारे की रेसिपी | डायबिटिक फ्रेंडली स्नैक
एक ऐसा स्नैक ढूंढ रहे हैं जो कुरकुरा भी हो, स्वादिष्ट भी और सेहत के लिए फायदेमंद भी? तो ओमेगा 3 से भरपूर अलसी बिस्किट आपके लिए परफेक्ट है। फ्लैक्स सीड से बना यह फैटी लिवर, हार्ट, डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर के लिए हेल्दी फ्लैक्स सीड स्नैक रोज़मर्रा की हेल्दी डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है। अलसी में भरपूर फाइबर और अच्छे फैट्स होते हैं, जो पाचन सुधारने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। चाहे आप डायबिटिक हों, दिल की सेहत का ध्यान रखते हों या बस हेल्दी खाने की कोशिश कर रहे हों, ये बिस्किट बिना किसी गिल्ट के एंजॉय किए जा सकते हैं।
Table of Content
अलसी के शक्करपारे रेसिपी एक स्वास्थ्यवर्धक बिस्किट है जो अलसी के बीज और साबुत गेहूं के आटे से बनाया जाता है।
हम अक्सर सुनते रहते हैं कि अलसी के बीजों से ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की भरपूर मिलते हैं, और ये विशेष रूप से शाकाहारियों के लिए एक आवश्यक आहार है। भारतीय अलसी के क्रैकर हमारे आहार में अलसी (फ्लेक्स् सीड) को शामिल करने के दिलचस्प तरीकों का उपयोग करते हैं।
वैसे तो हम इसे अपने मुखवास, रायता इत्यादि में शामिल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहाँ पर इस फाइबर, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त अलसी को खाने का हमने कुरकुरे अलसी के शक्करपारे के रूप में अनोखा तरीका बताया हैं। इसे शाम के नाश्ते के रूप में मज़े से खाया जा सकता है।
अलसी बिस्किट अलसी के बीज, साबुत गेहूं के आटे, जैतून के तेल और मसालों से बनाए जाते हैं।
फ्लैक्स सीड शकरपारा एक स्वस्थ और गिल्ट-फ्री स्नैक है जो डायबिटीज कंट्रोल, हृदय स्वास्थ्य, वजन कम करने, फैटी लिवर की देखभाल, और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मदद करता है। अलसी (फ्लैक्ससीड) और गेहूं के आटे से बना यह स्नैक ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, और प्लांट प्रोटीन से भरपूर है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में सहायक है। सैचुरेटेड फैट्स की जगह ऑलिव ऑयलके प्रयोग से यह हार्ट-फ्रेंडली बनता है, जबकि मिक्स हर्ब्स और लाल मिर्च के फ्लेक्स इसे बिना अतिरिक्त कैलोरी के स्वादिष्ट बनाते हैं। इसमें मौजूद उच्च फाइबर पाचन सुधारने, लिवर में चर्बी जमने से रोकने, और भूख नियंत्रण में मदद करता है, जिससे वजन घटाने में सहायता मिलती है। कम नमक और बिना रिफाइंड सामग्री के यह फ्लैक्स सीड शकरपारा एक कुरकुरा, पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता है जो मेटाबॉलिक और कार्डियोवेस्कुलर हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
हम शाम के स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते या भूख लगने पर स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते के रूप में अलसी के शक्करपारे रेसिपी खाना पसंद करते हैं।
भारतीय अलसी के क्रैकर के लिए प्रो टिप्स। 1. नुस्खा में बताए अनुसार आटा गूंधते समय सुनिश्चित करें कि आटा सख्त हो। 2. आटे को पतला बेल लीजिए ताकि बेकिंग जल्दी हो जाए और अच्छी तरह पक भी जाए. 3. अलसी के शक्करपारे रेसिपी एयर-टाइट कन्टेनर में ७ दिनों तक ताजा रहेंगे. 4. आटे को कांटे से हल्का सा चुभा लीजिए।
Tags
Soaking Time
0
Preparation Time
10 Mins
Cooking Time
0 Mins
Baking Time
25 Mins
Baking Temperature
180°C (360°F)
Sprouting Time
0
Total Time
35 Mins
Makes
5 मात्रा के लिये
सामग्री
अलसी के शक्करपारे के लिए
1/4 कप अलसी का पाउडर
1 कप गेहूं का आटा (whole wheat flour, gehun ka atta)
1 टेबल-स्पून जैतून का तेल (olive oil)
1 टेबल-स्पून सूखे मिले जुले हर्बस् (dried mixed herbs)
1 टी-स्पून सूखी लाल मिर्च के फ्लैकस् (dry red chilli flakes)
नमक (salt) स्वादअनुसार, स्वास्थ्य के लिए प्रतिबंधित नमक
विधि
अलसी के शक्करपारे के लिए
- अलसी के शक्करपारे बनाने के लिए, सभी सामग्रियों को एक गहरे कटोरे में मिलाएं और आवश्यकतानुसार पानी (लगभग 1/4 कप) का उपयोग करके सख्त आटा गूंथ लें। ढक्कन से ढककर 15 मिनट के लिए अलग रख दें।
- आटे को 2 बराबर भागों में बाँट लीजिये।
- बेलने के लिए आटे का उपयोग किए बिना एक भाग को 225 मिमी (9”) व्यास के गोले में बेल लें। चारों तरफ से हल्के से ट्रिम कर के चौकोन बनाइए।
- इसे कांटे से हल्के से चुभाएं और 25 मिमी (1") हीरे के आकार के टुकड़ों में काट लें।
- अधिक शकरपारे बनाने के लिए चरण 3 और 4 को दोहराएँ। आपको लगभग मिलेगा। कुल 45 शकरपारे।
- सभी शकरपारे को बेकिंग ट्रे पर रखें और पहले से गरम ओवन में 180°c (360°f) पर 15 से 20 मिनट तक या दोनों तरफ से हल्के भूरे और कुरकुरा होने तक बेक कर लें, हर 5 मिनट के बाद बीच में दो बार पलटें। थोड़ा ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
- अलसी के शक्करपारे को परोसें या एयर-टाइट कंटेनर में रखें।
अलसी केबिस्किट की सामग्री की सूची की छवि नीचे देखें।
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अलसी के शक्करपारे बनाने के लिए, अलसी के बीज ऐसे दिखते हैं।
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एक ब्लेंडर में अलसी के बीज डालें।
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दरदरा होने तक ब्लेंड करें।
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दरदरा पीसा हुआ अलसी का पाउडर।
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एक कटोरे में 1/4 कप + 2 टेबल-स्पून दरदरा अलसी का दरदरा पाउडर डालें।
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१ कप गेहूँ का आटा डालें।
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१ टेबल-स्पून जैतून का तेल डालें।
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१ टेबल-स्पून सूखे मिले जूले हर्ब्स् डाले।
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१ टी-स्पून सूखी लाल मिर्ची के फ्लेक्स् डालें।
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स्वादानुसार नमक डालें। हमने 1/2 टी-स्पून नमक डाला है।
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आटा गूंथने के लिये 1/4 कप पानी मिलाएं। हमने बाद में 3 टेबल-स्पून पानी और मिलाया।
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सख्त आटा गूथ लीजिये।
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ढक्कन से ढककर 15 मिनट के लिए अलग रख दें।
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आटे को 2 बराबर भागों में बाँट लीजिये।
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आटे को चपटा करें और उस पर थोड़ा सा आटा छिड़कें।
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एक भाग को 225 मि.मी. (9”) व्यास के गोल आकार में बिना किसी आटे का उपयोग किए बेल लें।
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चाकू से आटे पर खड़ी रेखाएँ काटें।
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फिर हीरे के आकार के क्रैकर बनाने के लिए फिर से काटें। आप क्रैकर को अपनी इच्छानुसार किसी भी तरह से काट सकते हैं।
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इसे कांटे से हल्का सा प्रीक करें।
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अलसी के शक्करपारे बनाने के लिए सभी कच्चे बेले हुए शकरपारे को बेकिंग ट्रे पर रखें।
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हले से गरम ओवन में 180°c (360°f) पर 15 से 20 मिनट तक या दोनों तरफ से हल्के भूरे और कुरकुरा होने तक बेक करें।
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5 मिनिट बाद ट्रे को ओवन से निकाल लें।
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चिमटे से क्रैकर को पलटें।
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ट्रे को वापस ओवन में रखें और 5 मिनट तक बेक करें। चिमटे से क्रैकर को दोबारा पलटें।
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आखिरी 5 मिनट के लिए बेक करें। क्रैकर ऐसे दिखते हैं।
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थोड़ा ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
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स्वस्थ अलसी का नाश्ता तैयार हैं।
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- फ्लैक्स सीड शकरपारा क्या है?
यह पारंपरिक भारतीय शकरपारे का एक हेल्दी वर्ज़न है, जो अलसी के बीज और गेहूं के आटे से बनाया जाता है। इसे तलने की बजाय बेक किया जाता है, जिससे यह कुरकुरा, डायबिटिक-फ्रेंडली और ओमेगा-3 से भरपूर होता है। - क्या यह स्नैक डायबिटीज़ के लिए उपयुक्त है?
हाँ, अलसी के बीजों में मौजूद फाइबर और हेल्दी फैट्स, साथ ही गेहूं का आटा और ऑलिव ऑयल, ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। - इस रेसिपी में कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?
मुख्य सामग्री हैं – दरदरे पिसे अलसी के बीज, गेहूं का आटा, ऑलिव ऑयल, सूखी हर्ब्स, चिली फ्लेक्स और नमक। - क्या इन शकरपारों को तलना पड़ता है?
नहीं, इन्हें लगभग 180°C पर ओवन में बेक किया जाता है, जिससे ये बिना तले ज्यादा हेल्दी बनते हैं। - इस रेसिपी को बनाने में कितना समय लगता है?
तैयारी में लगभग 10 मिनट और बेकिंग में करीब 25 मिनट लगते हैं, यानी कुल लगभग 35 मिनट। - यह रेसिपी कितनी सर्विंग्स देती है?
इस रेसिपी से लगभग 5 सर्विंग्स बनती हैं, यानी करीब 25 बिस्किट। - अलसी के बीज कैसे तैयार करें?
अलसी के बीजों को हल्का दरदरा पीस लें, ताकि वे आटे में अच्छे से मिलें और अच्छा टेक्सचर दें। - इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है?
एक सर्विंग (लगभग 5 बिस्किट) में करीब 163 कैलोरी होती हैं, साथ ही फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स मिलते हैं जो मेटाबॉलिज़्म और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करते हैं। - शकरपारों को कैसे स्टोर करें?
बेक होने और ठंडा होने के बाद इन्हें एयर-टाइट कंटेनर में रखें, ये लगभग 7 दिनों तक ताज़ा रहते हैं। - बेहतरीन रिज़ल्ट के लिए क्या टिप्स हैं?
आटा सख्त गूंथें, बेलते समय पतला रखें ताकि समान रूप से बेक हो, और बेक करने से पहले फोर्क से हल्का-सा छेद करें जिससे शकरपारे अच्छे से कुरकुरे बनें।
अगर आपको यह अलसी शकरपारे पसंद आई, तो हमारी अन्य रेसिपी भी देखें:
- ताज़े, मोटे पिसे हुए अलसी के बीज इस्तेमाल करें
आटा गूंथने से ठीक पहले अलसी के बीज पीसने से ओमेगा-3 और फाइबर जैसे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और शकरपारे की बनावट भी बेहतर होती है। - आटे की मोटाई सही रखें
आटा सख्त होना चाहिए लेकिन सूखा नहीं। इससे शकरपारे अपना आकार बनाए रखते हैं और समान रूप से बेक होते हैं। ज़रूरत हो तो पानी बहुत थोड़ा-थोड़ा करके डालें ताकि आटा चिपचिपा न हो। - आटे को पतला और समान रूप से बेलें
पतला बेलने से शकरपारे जल्दी और अच्छे से बेक होते हैं और बिना ज़्यादा पकाए कुरकुरी बनावट मिलती है। - काटने से पहले आटे में छेद करें
कांटे से हल्के-हल्के छेद करने से बेकिंग के दौरान बुलबुले नहीं बनते और शकरपारे ज़्यादा कुरकुरे बनते हैं। - ओवन पर ध्यान रखें
हर ~5 मिनट में ट्रे को घुमाएँ ताकि शकरपारे एक तरफ से जलें नहीं और समान रूप से पकें। - बिना अतिरिक्त कैलोरी के स्वाद बढ़ाएँ
रोज़मेरी, ओरेगैनो या जीरा जैसे मसाले डालें। इससे बिना ज़्यादा नमक या चीनी के खुशबू और स्वाद बढ़ता है—डायबिटिक-फ्रेंडली स्नैक के लिए बढ़िया। (सामान्य कुकिंग सलाह) - सही तरीके से स्टोर करें
बेक किए हुए शकरपारे एयरटाइट कंटेनर में रखें। ऐसे रखने पर ये 7 दिनों तक ताज़े और कुरकुरे रहते हैं। - अगर थोड़े कच्चे लगें तो हल्का ब्रश करें
यदि कुछ टुकड़े कम पके लगें, तो उन पर थोड़ा सा ऑलिव ऑयल ब्रश करें और पूरे बैच को ज़्यादा पकाने की बजाय 5–7 मिनट और बेक करें। - हेल्दी ड्रिंक के साथ लें
इन्हें बिना चीनी वाली चाय या हर्बल ड्रिंक के साथ खाएँ ताकि स्नैक ब्लड शुगर-फ्रेंडली रहे। (सामान्य हेल्दी ईटिंग टिप) - पोर्टियन कंट्रोल ज़रूरी है
स्वस्थ स्नैक्स में भी कैलोरी (~163 kcal प्रति सर्विंग) होती है, इसलिए सीमित मात्रा में खाना आपकी रोज़ की कुल कैलोरी को संतुलित रखने में मदद करता है।
अलसी के शकरपारा में फॉस्फोरस, विटामिन बी1 (थियामिन), मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो अवरोही क्रम (उच्चतम से निम्नतम) में दिया गया है। अलसी के बीज का शकरपारा 25 बिस्कुट बनाता है, 5 मात्रा बनाता है।
फॉस्फोरस : फॉस्फोरस हड्डियों के निर्माण के लिए कैल्शियम के साथ मिलकर काम करता है। आरडीए का 31%
विटामिन बी1 : विटामिन बी1 तंत्रिकाओं की रक्षा करता है, कार्बोहाइड्रेट चयापचय में मदद करता है, हृदय रोगों को रोकता है और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। आरडीए का 26%।
मैग्नीशियम (Magnesium): हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। कैल्शियम और पोटेशियम के चयापचय में भी यह मदद करता है। मैग्नीशियम से भरपूर भारतीय खाद्य पदार्थ जैसे पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, ब्रोकोली, काले), दालें (राजमा, चवली, मूंग), मेवे (अखरोट, बादाम), अनाज (ज्वार, बाजरा, साबुत गेहूं का आटा, दलिया)। 26 % of RDA.
फाइबर ( Fibre) : फाइबर हृदय रोग के जोखिम को कम करता है, रक्त शर्करा के स्तर में तुरंत बढावे को रोकता है और इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए फायदेकारक है। फल, सब्जियां, मूंग, ओट्स, मटकी, साबुत अनाज का सेवन करें। 22 % of RDA.
| ऊर्जा | 163 कैलोरी |
| प्रोटीन | 4.8 ग्राम |
| कार्बोहाइड्रेट | 21.4 ग्राम |
| फाइबर | 5.6 ग्राम |
| वसा | 7.2 ग्राम |
| कोलेस्ट्रॉल | 0 मिलीग्राम |
| सोडियम | 8 मिलीग्राम |
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